कभी मिल तो तुझको बताएं हम,
तुझे इस तरह से सताएं हम
तेरा इश्क़ तुझसे छीन कर,
तुझे मय पिला कर रुलाएं हम
तुझे दर्द दूं , तू ना सह सके,
तुझे दूं जुबां, तू ना कह सके ,
तुझे दूं मकान, तू ना रह सके,
तुझे मुश्किलों में घेर के, में कोई ऐसा रास्ता निकाल दूं
तेरे दर्द की में दवा करूं, किसी गरज के मैं सिवा करूं
तुझे हर नज़र पर उकेर दूं, तुझे ज़िन्दगी का सउर दूं
कभी मिल भी जाएंगे गम ना कर, हम गिर भी जाएंगे गम ना कर
तेरे एक होने में शक नहीं , मेरी नियतों को तू साफ कर
तेरी शान में भी कमी नहीं, मेरे इस कलाम को तूं माफ कर