आज जो साथ हे शायद कल नही होगा
ये लम्हा कल कहा होगा
ये यादे भी ना होगी और कहा ये प्यार होगा बिखर जाएगी हाथों की लकीरें तब आखों में सिर्फ़ आसूँ होगा, छुट जायेगा ये साथ और ये हाथ जींदगी में एक एसा भी मोड़ होगा
ना तू रहेगा ना तेरा साथ मगर दुआ में तेरा नाम और सजदा रहेगा, पर तेरा इंतज़ार कभी नहीं होगा शायद कल जींदगी में अकेले ही जीना होगा...😔
-Hetal Pranami