शुभ कामनाएं एवं बधाई शुभ मंगलवार की ➖ ब्रह्मदत्त त्यागी
ध्यान:- मंत्र-मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतम् शरणं प्रपद्ये ।।
ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़
शुभ मंगलकामनाएं मंगलवार की राम भक्त हनुमान जी आपको बारंबार प्रणाम नमन नमस्कार है ब्रह्मदत्त
त्यागी हापुड़ एवं सभी भक्तों का आज अपने इस दिन में आप सभी भक्तों का कल्याण करें उद्धार करें
ब्रह्मदत्त त्यागी
-ॐ आरती हनुमान जी की-ब्रह्मदत्त ॐ
-आरती किजे हनुमान लला की।
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥
जाके बल से गिरवर काँपे।
रोग दोष जाके निकट ना झाँके ॥
अंजनी पुत्र महा बलदाई।
संतन के प्रभु सदा सहाई ॥
दे वीरा रघुनाथ पठाये।
लंका जाये सिया सुधी लाये ॥
लंका सीकोट संमदर सी खाई।
जात पवनसुत बार न लाई ॥
लंका जारि असुर संहारे।
सियाराम जी के काज सँवारे ॥
लक्ष्मण मुर्छित पडे सकारे।
आनि संजिवन प्राण उबारे ॥
पैठि पताल तोरि जम कारे ।
अहिरावन की भुजा उखारे ॥
बायें भुजा असुर दल मारे।
दाहीने भुजा सब संत जन उबारे ॥
सुर नर मुनि जन आरती उतारे ।
जै जै जै हनुमान उचारे ॥
कचंन थाल कपूर लौ छाई।
आरती करत अंजनी माई ॥
जो हनुमान जी की आरती गाये।
बसहिं बैकुंठ परम पद पायै ॥
लंका विध्वंश किये रघुराई।
तुलसीदास स्वामी किर्ती गाई ॥
आरती किजे हनुमान लला की।
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥
ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़
आरती आरती
हनुमान हनुमान
ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़