शीर्षक: नील गगन तले
तुम न साथ आये, तो हम कहाँ जाएँगे
कारवाँ जिंदगी, एक दिन बिछड़ जाएँगे
सफर साथ करते, बहुत कुछ हासिल करते
मंजिले मोहताज न होती , प्रयास साथ करते
सोच हमारी, साथ रहकर भी बिखरे से रहते
सिर्फ पहलूँ में बैठ जाने से, दिल नहीं मिलते
हमसफ़र, तन के बनकर, कितनी दूर जाएँगे
सपनें देख कर, क्या हम योहिं सोये से रहेंगे
हक़ीक़क्त तो यही समझायेगी, साथ ही चले
तुम और हम, बने दो सितारे, नील गगन तले
✍️ कमल भंसाली
-Kamal Bhansali