कुछ उलझा सा कुछ सुलझा सा..
बेनाम सा रिश्ता तेरा मेरा
क्या नाम दूं में इस रिश्ते को
बेनाम सा है रिश्ता तेरा मेरा
तुम भले ही साथ नहीं मेरे फिरभी
मुझे रहती है हर वक्त तेरी फिकर
तुम जैसे आस पास हो, महसूस यह करतीं हु
मैं अक्सर अपने ख्यालों में तुम्हें रखती हूं
हम दोनों के सिवा न जाने कोई ये बातें
पर अपार अगाथ सा स्नेह है हम दोनों के बीच Anumay
कुछ उलझा सा कुछ सुलझा सा.. Bindu Anurag
बेनाम सा रिश्ता तेरा मेरा
क्या नाम दूं में इस रिश्ते को