" मरते दम तक "
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एक दूजे के लिए जीयेंगे मरेंगे खाई है कसम मरते दम तक।।
जीना मरना तेरे संग हम तो कहेंगे सनम मरते दम तक।।
दोस्ती हमारी पहचान बनेगी जैसे लैला मजनू;
अलग अलग ना रह पायेंगे कभी भी हम मरते दम तक।।
आवारगी हमे पसंद नही अकेले हम अकेले तुम कभी नही;
दोस्ती निभाना फर्ज है करम - धरम मरते दम तक। ।
याराना हमारा रंग लायेगा देखेगी दुनिया ये दोस्ताना;
हम साथ साथ है चाहे खुशी हो या गम मरते दम तक।।
जैसे सीता और गीता राम और श्याम वैसे हम " Bन्दास "
विश्वास होगा अटल ना होगा कोई भरम मरते दम तक।।
✍️ " Bन्दास "
राकेश वी सोलंकी ।