अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस
स्वस्थ मन हो स्वस्थ तन हो सुंदर लगता जीवन का हर रंग
रोगों से घिरी अगर हो काया ज़िंदगी लगतीे एक भीषण जंग
तो क्यों न इस जंग को फतह करें अपने तन को निरोग करें आओ हम सब मिलकर योग करें एक दिन नहीं रोज रोज करें
सुबह सवेरे शांत- मनोहर वातावरण मन को देता है सुकून
पूरा वर्ष हम योग करेंगे शुरुआत करेंगे आज ही 21 जून
तो क्यों न आज हम यह प्रण करें अपने मन को प्रसन्न करें
आओ हम सब मिलकर योग करें एकदिन नहीं रोज रोज करें
मांसपेशियां और हड्डियां मज़बूत बनेंगी नहीं दिखेगा कोई रोग
आलस्य और निद्रा को दूर भगा कर स्फूर्ति भर देता यह योग
तो क्यों न हृष्ट पुष्ट बनकर हम अपने तन को ऊर्जा से भरें
आओ हम सब मिलकर योग करें एक दिन नहीं रोज रोज करें
ताजी शीतल स्वच्छ हवा में ऑक्सीजन लेवल बढ़ता जाए
दुख परेशानी मानसिक चिन्ता और मोटापा घटता जाए
फिर क्यों न हम तन मन निरोग करें चिंताओं से हम क्यों मरें
आओ हम सब मिलकर योग करें एक दिन नहीं रोज रोज करें
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अपना लक्ष्य सिद्ध करने को जरूरी है हमारे मन की एकाग्रता
साथ ही हरी रहनी चाहिए हमारे वृक्ष रूपी याददाश्त की लता
योग से ये सहज मिलेंगे क्यों न अपने मन में यह विश्वास भरें
आओ हम सब मिलकर योग करें एक दिन नहीं रोज रोज करें
संयुक्त राष्ट्र की महासभा ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस किया शुरू
भारत का तेज चमका जग में प्यारा भारत बना विश्व योग गुरु अपनी परम्परा कायम रखने को क्यों न हम योग सागर में तरें
आओ हम सब मिलकर योग करें एक दिन नहीं रोज रोज करें