सच्चा लोकतंत्र
पहले था राजतंत्र
अब आ गया है लोकतंत्र।
पहले राजा शोषण कर रहा था
अब नेता शोषण कर रहा है।
जनता पहले भी गरीब थी
आज भी गरीब है।
कोई ईमान बेचकर,
कोई खून बेचकर
और कोई बेचकर तन
कमा रहा है धन।
तब भी नही कर पा रहा है
अपने परिवार का पालन।
कोई नहीं है
गरीब के साथ,
गरीबी करवा रही है
प्रतिदिन नए-नए पाप और अपराध ।
खोजना पड़ेगा कोई ऐसा मंत्र
जिससे आ पाये सच्चा लोकतंत्र।
मिटे गरीब और अमीर की खाई।
क्या तुम्हारे पास है कोई
ऐसा इलाज मेरे भाई।