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*रुख हवाओं का मोड़ दे मेरे मालिक*
*बंदे परेशान हैं तेरे अब तो छोड़ दे मेरे मालिक*
*प्लाज्मा,ऑक्सिजन,वेंटिलेटर का शोर है*
*तेरा ये माटी का पुतला बहुत कमजोर है*
*अब बक्श दे सबकी जान*
*बहुत हुआ तेरा बन्दा परेशान*
*जीवन की तू ही तो एक डोर है*
*तेरा माटी का पुतला बड़ा कमजोर है*
*कितने कष्ट उठा रहा हैं तेरा इंसान*
*अपना ही अपने के नहीं आ सकता काम*
*त्राहि माम त्राहि माम मचा हर ओर शोर है*
*तेरा माटी का पुतला बड़ा कमजोर है*
*अपनी विज्ञान का बड़ा गुमान था*
*अपने अविष्कारों पर बड़ा मान था*
*समझने लगा था मेरी तो अलग ही टोर है*
*तेरा माटी का पुतला बड़ा कमज़ोर हैं*