**गीत जिंदगी बनाओ**
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( काव्य घनाक्षरी )
गीत जिंदगी बनाओ
ग़म अपने जलाओ
होगी जीत तुम्हारी भी
बस सब्र चाहिए ।
हार को तुम हराओ
युं ना हौसला गंवाओ
खुशी होगी जीवन में
अच्छी नीति चाहिए।
नाता प्रेम से जोड़ दो
अहंकार वो छोड़ दो
प्रेम से मिलेगी जीत
बस दृष्टि चाहिए ।
भले आयेगी मुश्किलें
नहीं कठिन मंजिलें
रूकना ना तुम कभी
ऐॆसी जिद चाहिए ।
मिलिंद क.महा.लातूर
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