है प्रभु!
आप से प्रार्थनाएं बहुत करी,
बहुत करी शिकायत आप से।
आज एक बात का शुक्रिया करता हूं,
भले ही मुझसे मेरा सब कुछ छीना है आपने,
आप उसे मुझे वापिस करे या ना करे,
पर हमेशा आप किसी को तो भेज ही देते हो,
सिर्फ मुझे संभालने के लिए।
- दर्शना मा का बेटा "दार्शनिक"
(आचार्य जिज्ञासु चौहान)