आज मेरी जीने की सारी वजह बेवजह सी लग रही है
मानो मन झूठे दिलासो से भर आया है
मोह के धागे कच्चे पड़ रहे है
जो रुह कल तक जीने को संघर्ष कर रही थी
आज मरने को दुआ कर रही है।
वो जो इंसान जान से ज्यादा अज़ीज़ था मुझे
वो ना सिर्फ मेरे सपने बल्कि मेरी जीने की वजह मुझसे ले गया
अब जब वो कुरूप भद्दी सी मृत्यु मुझे लेने आयेगी
तो मै उसे अपने आलिंगन में उसी तरह लूँगी
जैसे एक बच्चा अपनी माँ को लेता है❤