फोजी
हम दिल में जज़्बात नहीं लोहा पिघलाया करते हैं..
फौजी ऐसे नहीं बनते हम हरदम हमारा जिस्म जलाया करते हैं
जिस उम्र में लोग आवारा घूमा करते हैं उस उम्र में हम मौत की गाठें बांधते हैं
जिस उम्र में लोग नई शुरुआत करना चाहते हैं उस उस उम्र में हम अपने काल को आह्वाहन देते हैं
आपकी नींद बचाने के लिए हम सरहद पर करते हैं
आप अपनो के संग रहे इसलिए हम अपनो दूर हो जाया करते हैं। हम हरदम अपना जिस्म जलाया करते हैं!!
-Prasham Shah