बेहद - बताओ ईश ! वो कौनसी बात है जो तुम्हे नाराज़ कर सकती है?
ईश - झूठ |
झूठ बरदाश्त नहीं | बहुत ज़्यादा रूठ सकता हूँ मैं |
बेहद - और बहुत ज़्यादा रूठ जाने पर क्या करते हो तुम ?
ईश - क्या करना चाहिए मुझे ? तुम बताओ |
बेहद - वही, जो कर रहे हो |
रूठकर बताओ भी नहीं और कुछ जताओ भी नहीं |
ऐसे ख़ामोश हुए हो जैसे हमें जानते ही नहीं |
ईश - यही सज़ा है तुम्हारी |
मुझसे बात करने के लिए हर एक पल तुम तरसो और ये प्यास कभी न बुझे |