क्यों बेख़ुदी सी छाई है
क्यों आग सी लगाई है आपने
ओ हम हो गए आप के
मेरा होश भी उड़ाया है
मेरी नींद भी चुराई है आपने
हो हम हो गए आप के...
पहले ऐसे कभी दिल धड़कता न था
बेवजह इस तरह से ये तड़पता न था
दर्द ऐसा कभी भी मुझको होता न था
हर घड़ी यूँ मेरा चैन खोता ना था
मेरी जान पे बन आई है
हालत ये क्या बनाई है आपने
हो हम हो गए...
चोरी-चोरी मचलने से क्या फायदा
राज़-ए-दिल खोल देने का अपना मज़ा
मुझको है मेरी इन धड़कनों की कसम
आपको भी है मुझसे मोहब्बत सनम
इसमें नहीं बुराई है
ये बात क्यों छुपाई है आपने
हो हम हो गए...
Movie/Album: हम हो गये आपके (2001)
Music By: नदीम-श्रवण
Lyrics By: समीर
Performed By: अल्का याग्निक, कुमार सानू