ओ कन्हैया
ओ कन्हैया वंशरी की मधुर तान सुना दो।
सप्त सुरों के सरगम की झंकार झलका दो।
कन्हैया तेरी वंशरी पे मैं तो वारि जाऊं वारि जाऊं रे।
कन्हैया मैं तो बलिहारी जाऊं बलिहारी जाऊं रे।
कन्हैया तेरे चरणों के सेवक बनें।
तन मन धन से समर्पित रहें।
कन्हैया उदार चित्त और नेक बनें।
कन्हैया तेरी भक्ति में लीन रहें।
तेरी सतत साधना करें।
कन्हैया तेरा फूलों से नव श्रृंगार करें।
तुलसी दल की माला अर्पित करें।
कमल फूलों के हार चढ़ाएं।
तेरी वंदना करें।
स्वर्ण सिंहासन विराजो कन्हैया।
सोने कलश गंगा जल से स्नान कराएं ।
चंदन तिलक छाप लगाएं। पीले पीताम्बर और
सुनहरी जरीदार पटका ,हरे रंग के वस्त्र अर्पित करें।
शीश पे स्वर्ण मुकुट सजाएं
और कानों में कुण्डल शोभे।
गले मुक्ता मानिक के हार कन्हैया ।
गर्मी के मौसम हैं तो परात में जल भरकर
तेरे स्वरुप को सुंदर टोकरी में रखकर
शीतलता प्रदान करुं कन्हैया।
फल फूल और प्रसाद चढ़ाएं।
धूप-दीप और नैवेद्य अर्पित करें।
बताशा लुटाएं कन्हैया।
नित नित तेरी आरती उतारें कन्हैया।
बोल हरि बोल हरि बोल हरि बोल हरि बोल
बोल हरि बोल हरि बोल हरि बोल हरि बोल।
तेरे जयकारे लगाएं कन्हैया।
रुच रुच भोग लगाएं कन्हैया।
मंगल गीत गाएं हजार।
तेरी महिमा बड़ी अपरम्पार है।
तेरी कृपा अद्भुत और अपार है।
जय श्री कृष्णा तेरे चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम
समर्पित है।
अनिता सिन्हा
2 अप्रैल 2021