हमेशा सोचता हु मे किसकी तलाश में हुँ,
अगर वो ना मिले तो ज़िंदा लाश हुँ
कौन है वो जो मुझे लिखने पर मजबूर करती हैं
कोन है वो जो मेरे होने पर ग़ुरूर करती हैं
कभी कभी लगता है वो मेरे पास हैं
आंखे खुली तो अकेलेपन का अहसास हैं
मे शब्द नहीं, शब्द मुझे खोजते हैं
समझ नही आता ये शब्द मुझे कोन भेजते हैं
किताबो से दुर रहने वाला लड़का
आज कविताए लिखता हैं
यही सवाल मुझे बार बार चुभता हैं
कोन हो तुम, मे किसकी तलाश मे हूँ
तुम दुर हो तो मे, किसके पास हूँ... ?
किशोर श्रीमाली
✍️ _____ जोगी 📿