इन्सान में तीन प्रकार के गुण होते हैं।।
1) सतों गुण ..जो देवों का स्वभाव है, शुद्ध सात्विक है, समझदार और संस्कारी हैं सेवाभावी कल्याण कारी है।।
2) रजो गुण.. जो मनुष्य का स्वभाव है, भावृक है, मोह से नीरमीत है, आशा तृष्णा का कारक है।।
3) तमो गृण.. जो राक्षक्षी है, काम क्रोघ, अहंकार, अभीमान, आलस, दुराचार से नीर्मीत है।।
आप में क्या है? क्या होना चाहिए??
-હેમંત પંડયા.