हे ईश्वर तुम्हारा प्रकाश मुझे
जीवित करता रहे,
मेरे साथ जो अंधकार है
वह मरता रहे।
जीवन की कामना से
काँटे कटते रहें,
हमारे स्वर से
शाश्वत सत्ता का वंदन होता रहे,
हे ईश्वर तुम्हारा प्रकाश मुझे
आगे बढ़ाता रहे।
मेरे बन्द होती आत्मा
बार-बार खुलती रहे,
तुम्हारा आकर्षण
गतिमान हो, मुझ तक पहुँचता रहे।
* महेश रौतेला