जो मेरी रूह को चैन दे प्यार दे
वो ख़ुशी बन गये हो तुम
ज़िन्दगी बन गये हो तुम
जिस्म से जान तक पास आते गये
इन निग़ाहों से दिल में समाते गये
जिस हसीं ख़्वाब की थी तमन्ना मुझे
हाँ वही बन गये हो तुम
ज़िन्दगी बन गये...
हर किसी से जिसे मैं छुपाती रही
बेख़ुदी में जिसे गुनगुनाती रही
मैंने तन्हाँ कभी जो लिखी थी वही
शायरी बन गए हो तुम
ज़िन्दगी बन गये...
Movie/Album: कसूर (2001)
Music By: नदीम श्रवण
Lyrics By: समीर
Performed By: अलका याग्निक, उदित नारायण