मेरी स्वर्णिम दुनिया हो आप
मेरी आंखों का तारा हो आप
तुममें बसी हैं मेरी सांसें
तुम दिल की धड़कन हो
आप मेरी झील का कमल हो
आप मेरे दिल की ग़ज़ल हो
आप मेरे अल्फ़ाज़ मेरा आईना हो
आप मेरे भगवान आप मेरी पूजा हो
आप से मेरे माथे की बिंदिया है उजागर
आपको प्यार करती हूं इतना जैसे सागर
आपको बेपनाह चाहती हूं ऐसे जैसे कोहिनूर
आपपे सब लुटाना है जो है मेरा गुरुर
I love you MERI Jaan
-kajal