कहीं कोई बेशक टूटा है तो टूटा ही क्यों है,
ये दर्द गर किसी ने सहा है तो सहा ही क्यों है...
वो हमारे हैं हम उनके हैं यह कहां है तो किसी ने कहा ही क्यों है ,
कुछ रिश्ते बिना नाम के ही बहुत ही बेमिसाल होते हैं,
ये लफ्ज किसी के लिए कहा है तो कहा ही क्यों है.....
-Shikha