कभी कभी हमें खुदको हमारे अपनों को या दुनिया को साबित करना पड़ता है, कभी कभी। लेकिन यदि हमारे अथाह परिश्रम, अच्छाई या गुणों से भी कोई हमें समझता नहीं या समझना ही नहीं चाहता तो उदास होने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि इसमें कमी हममें नहीं अपितु उनमें है।