तुम्हे लगता है, तुमको कोई समेट नहीं सकता, तुमसे कोई जुड़ नहीं पायेगा, पर पता है कुछ निश्चल आत्माएं होती हैं जो आपकी आत्मा से जुड़कर आपको मुक्त करती हैं सभी पीड़ाओं से, कुछ लोग धूप की तरह होते हैं जो तुम्हारे दुःख सोख लिया करते हैं, मैं भी तो ऐसा ही हूं तुम्हारे लिए...!!!