वो कभी हकीकत में तो कभी ख्वाबों में रहती है,
एक लड़की है जो मेरे सवालों के जवाबों में रहती है,,,
थोड़ी चुलबुल है शरारती है हां थोड़ी नादान भी है,
इतना समझता हूं उसे इस बात से अनजान भी है,,,
उनके चेहरे की हंसी मेरे चेहरे पर मुस्कान लाती है,
बेकार है उसकी उदासियां, उदास मुझे कर जाती है,,,
रिश्ता क्या है उससे मेरा कभी समझ ही नहीं पाया,
दोस्त से बढ़कर है पर हद से अपनी निकल ना पाया,,,
यूं तो बातें ना जाने कितनी उससे कह जाता हूं,
अपने ही जज्बातों का मजाक बना चुप रह जाता हूं,,,
चाहता हूं कि कभी तो थोड़ा खुद से समझ जाए,
डरता हूं कहीं उसकी खुशी गम में ना बदल जाए,,,
हां कभी-कभी उसे उलझन मेरी बातों से हो जाती है,
मजबूरी पता है शायद तभी खुद को रोक जाती है,,,
कब समझेगी, उसके हर एहसास में खुद को जीता हूं,
खामोशी से अपने जज्बात कागज पर लिख लेता हूं,,,
फिर भी वो मेरे जज्बात, मेरा हाल जाना चाहती हैं,
बेवजह वो भी मेरे सवालों के जवाब जानना चाहती है...#HBD &HA....#D