वक्त बेवक्त आदत सी हो गई है तेरी
अब एक पल भी तुझसे दूर रहा न जाए
तेरी दूरी सताती है यू है जैसे जल बिन मछली तड़पें
तेरे आने की आहट से भी दिल को सुकून मिलता है
हर एक लम्हा तेरे साथ बिताना चाहता है यह दिल
वक्त बेवक्त आदत सी हो गई है तेरी .... Bindu 🌺
तुझसे मिलकर भी दिल नहीं भरता
और तुझसे बिछड़ के दिल है तड़पता
अब तो डर लगता है हमें कि कहीं तुझ से जुदा न हो जाए हम
वक्त बेवक्त आदत सी हो गई है तेरी
तेरे आने की आश में खुद को संवार लेते है
और तुझसे न मिलने पर खुद से ही रुठ जातें हैं हम
वक्त बेवक्त आदत सी हो गई है तेरी
( આ મારી ડાયરી માં લખેલી ખૂબ જુની રચના છે ૧૭/૧૮ વર્ષ 😀