पहला नशा, पहला खुमार
नया प्यार हैं नया इंतज़ार
करलूँ मैं क्या अपना हाल
ऐ दिल-ए-बेक़रार
मेरे दिल-ए-बेक़रार
तू ही बता
(उड़ता ही फिरूँ इन हवाओं में कहीं
या मैं झूल जाऊँ,
इन घटाओं में कहीं ) - २
एक करलूँ आसमान और ज़मीन
अब यारो क्या करूँ क्या नहीं
पहला नशा, पहला खुमार ...
(उसने बात की,
कुछ ऐसे ढंग से
सपने दे गया
वो हज़ारों रंग के ) - २
रह जाऊँ जैसे में हार के
और चूमे वो मुझे प्यार से
पहला नशा, पहला खुमार
नया प्यार हैं नया इंतज़ार
करलूँ मैं क्या अपना हाल,
ऐ दिल-ए-बेक़रार
मेरे दिल-ए-बेक़रार,
तू ही बता