आज की इस भागाभागी की दुनिया में,
कहां इंसान के पास समय है इंसान को समझने के लिए
सबकी केवल अपनी जरूरते है, नहीं है थोड़ी इंसानियत,
प्यार है दिखावे का और रिश्तों में है मिलावट,
मिलते हैं हम रोज़ बहुत लोगो से
लेकिन जो हमें समझ सकें ऐसा एक इंसान मिल पाना
बड़ा मुश्किल है।