जब प्रेम का आगमन होता है।
नवल नवल सा प्रतीत होता है,
बुद्धि का विवेक हर लेता है,
सब कुछ बड़ा विचित्र प्रतीत होता है,
अनजानो के प्रति आकर्षण प्रतीत होता है,
आंखों ही आंखों में ना जाने कुछ-कुछ होता है,
शीत में ग्रीष्म का आभास कराता है,
हृदय को कुछ प्रफुल्लित कर जाता है,
जब प्रेम का आगमन होता है।
_त्रिशला