तेरी नाराज़गी से अब नाराज कैसे हो....
तुम्हे क्या लगता है हम समझते नहीं..
इश्क और दिल्लगी में फ़र्क़ जानते नहीं
तेरी नाराज़गी का कहर देखा हैं हमने
सितम खुदारी के कम भी नहीं थे तेरे
फ़ना होने केे लिए रूह देख रहा हैं मेरी
अश्कों से छलकते समन्दर ना देखे कभी
पास रहने का हर तरीका हैं लाज़मी तेरा
हम नाम भी पुकारे तो इलज़ामे जुर्म मेरा
जब मोहब्बत में फ़र्क के बटन दबने लगे
तब रिश्तों में दरारो के नये पेच लग जायेगे
#yogitajain ✍🏻