मन मंदिर में दीप जलाकर , ज्ञान की ज्योत जलाएं हम
ज्ञान यज्ञ की समिधा बनकर , नव जागरण फैलाएं हम
कुंठित विचार और क्षुद्र सोच तज , आगे कदम बढ़ाए हम
वृहद सोच संग खुले चक्षु से , एक दुनिया नई बनाएं हम
सुप्त शक्ति को जागृत करके , सबल समाज बनाएं हम
हर कोने में दीप जलाकर , उजियारा फैलाएं हम
अन्तिम घर हो जाय प्रकाशित , तब तक अभियान चलाएं हम
दीपावली का सार यही है , ज्योत से ज्योत जलाएं हम
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