"रूठा हुआ हूं"
हां, अब रहा नहीं जाता।
हां, अब सहा भी नहीं जाता।
अब, जैसे खुद से ही रूठा हुआ हूं।
हां, में ही मुजमे नहीं हूं।
हां, में ही मेरे साथ नहीं हूं।
अब, जैसे खुद से ही रूठा हुआ हूं।
हां, तेरी आवाज़ नहीं सुनी।
जैसे खुद से कोई बात नहीं हुई।
अब, जैसे खुद से ही रूठा हुआ हूं।
हां, अकेला पड़ा चुका हूं।
हां, तन्हाई भी महसूस करता हूं।
अब, जैसे खुद से ही रूठा हुआ हूं
हां, अश्क बिखर जाते है।
हां, उम्मीदें भी टूट जाती है।
अब, जैसे खुद से ही रूठा हुआ हूं।
हां, तेरा होना महसूस होता है।
हां, तेरा ना होना भी खलता है।
अब, जैसे खुद से ही रूठा हुआ हूं।
हां, हर पल तुझे ढूंढता हूं।
हां, तेरा इंतजार करता हूं।
अब, जैसे खुद से ही रूठा हुआ हूं।
- आचार्य. जिज्ञासु चौहान