# शानदार कविता ...
# अन्तरात्मा की आवाज ......
अन्तरात्मा की आवाज ,सदा सुना कीजिये ।
पाप की राह से ,खुद को सदा बचा लीजिये ।।
गलत काम करने ,से ही मन तुम्हें सदा रोके ।
पर उसकी आवाज ,मार कर काम मत कीजिये ।।
जो मन की बात सुनते ,वो महान पुरुष बनते ।
जो मन की बात ठुकराते ,वो पापी कहलाते ।।
इनमें दया ,प्रेम ,करुणा ,लज्जा नही होती ।
वो ही हैवानियत बन ,इज्जत तार तार करते ।।
आंतकी बन कर सदा ,दुसरों को दुःख ही देते ।
ये नराधम इस धरा पर ,मानव नही कहलाते ।।
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