*पूरी जिंदगी लगा दी...*
*चाबी खोजने में....*
*अंत में पता चला कि*
*ताला क्या दरवाजे भी नहीं है...*
*परमात्मा के घर में।।*
*भीतर शून्य बाहर शून्य !* *शून्य चारों ओर है l*
*मैं नही हूँ मुझमे*
*फिर भी "मैं , मैं " *का ही शोर है l*
🌺🌾 🌺🌹🌹☘️🌱🌿🍃 *सुप्रभात*🙏🙏☘️🌱🌿🌿🍃🌹🌺