प्रार्थना - एक बच्ची की "
मन की सुंदरता को, व्यक्त करने आई हुं,
मैं अकेली तेरे दर पे ,कुछ मांगने को आई हुं,,,
तु जगत की माता है,,
तेरे द्वार पे आई हुं,,,
ना धन चाहिए,
ना वैभव चाहिए,,,
मन को शांत करने आई हुं,
सुख, शांति और धैर्य ,
सब के लिए मांगने आई हुं,,,
नन्हीं जान की रक्षा के लिए,
मां को बुलाने आई हुं,,,
तेरे दरबार आई हुई,
तु हम पर दया करना,
तु हम पर कृपा करना,,,
यहीं मांगने मैं अकेली आई हुं,
जय माता दी बोलने आई हुं,,
प्रणाम और वंदन करने आई हुं,
@kaushik