आजाद देश के बावजूद भी आज आजाद नहीं हुए।
अंधश्रद्धा, अराजकता, लड़ाई झगडे, कुरिवाज, अजागृत मानसिकता और अमानवीय कृत्य जो हम या हमने या तो हमें बांधे हुए है।
आज जिस आजाद हवा में सांस लेकर उसी हवा को हानि पहुंचा रहे है उसे देख उन सभी महात्मा जिन्होंने हमारे उज्जवल भविष्य के लिए अपने बलिदान दिए, आज वे भी खुद से प्रश्न कर रहे होंगे की क्या हमारा बलिदान सही था या व्यर्थ था?!
स्मरण रहे की हमें विज्ञान से ज्यादा अभी ज्ञान की जरूरत है।
#महात्मा