वो कहने लगे सांसे भी नहीं चल रही अब तुम्हारे बिना,,,,,!
क्या खूब किया ए खुदा उसको मेरी ख़ुश्बू से जुदा किया हैं,,,!
जिंदा तड़प रहा है कहीं महक ने की कोशिश कर रहा है,,,!
जाऊ उसके पास और फिर मुझे कहीं जख्म बरसता है,,,,!
इश्क़ को जालिम बने क्या मैं हर वक़्त जुठी आश में डूबने देता,,,!
ज्योतिषी नहीं फिर भी चल उसे चाहने पर खुदको जला भी देता,,,,!
DEAR ZINDAGI 💞