तमतमाता वो सितारा
जैसे अपनी दास्ताँ सुनाने आया है
खुद तुटके भी वो
किसी और के ख्वाब सजाने आया है
#चमकीले इस रूप के पीछे
जाने कितनी ही आग में वो जला है
फिर भी हर एक सितारें को
वो मुक्कमल जहाँ नही मिला है
इसी लिए हर तारा अपने चाँद की खोज में
हर रात यूँ जुगनू की तरह भटकता है