सुदंर रचना पढे...
सवाल है या जवाब ये तो बता ,हकीकत है या ख्वाब ये तो बता ।
जिदंगी को समझना इतना सरल नही ,कहां मिलती है इसकी किताब ,ये तो बता ।
बिना मर्जी तेरी पत्ता भी नही हिलता ,क्यूं रखता है कर्मो का हिसाब ,ये तो बता ।
डूबानी ही है कश्ती मेरी तो यूं ही सही ,हर लहर क्यूं सजाता है ,ये तो बता ।
तू हर उमीद सजाता है दिल मे ,फिर उसे पुरी क्यूं नही करता ,ये तो बता ।
https://www.instagram.com/p/BmnFGuGB2QD/?igshid=j8j3575inbys