जिक्र क्या करूँ #तुम्हारा
जमाने से डर लगता है हमें
प्यार हमें बेइंतहा है तुमसे
इस लिए जुदाई का डर है हमें
जमाने ने छीना है हमसे
जिस जिसने चाहा है हमें
छुपा लूँ क्या आँखों में तुम्हे
फिर कैसे छोड़ पाओंगे हमें
दूर यदि तुम जाओंगे हमसे
फिर इस जहाँ में कभी न ढूंढ पाओंगे हमें