तुझसे जुदा होने से डर लगता है
इसी लिए हर बार चुप रहता में
इस चुप्पी में भी मेरी मोह्हबत है
पर तु नही समजता ये
तेरा हर गम सहता में
पर तुजसे कभी कुछ न कहेता में
तेरी हर बात में हामी भरता में
इसी लिए की तुजसे ज़गडा नही करना चाहता में
तुजसे बेइंतहा मुहब्बत करता हूँ में
इसी लिए तेरी बेवफाई सह के भी तुजे न छोड़ पाता में