मैं बहुत अजीब हूँ, दिल के जज़्बात मुझसे साझा नहीं होते, मैं पूरी तरह से कभी बातों को नहीं कह पाती। ऐसी अनगिनत बिखरी-टूटी बातें हैं जो मेरे जिस्म में तो कैद हैं, मगर होठों तक का रास्ता नहीं खोज सकी..
इसलिए, जब-जब किसी ने मुझसे कहा है..
"कुछ देर बैठ सकती हो मेरे पास.."??
मैं बिना सवाल किए बैठ जाती हूँ..
यह सोच कर, की शायद इनके अंतर्मन में चल रही टूटी-बिखरी बातें रास्ता खोज लें होठों तक का और इस शख़्स के जिस्म को तमाम जज़्बात रिहा कर दें।
कोई तो खुद को इन जज़्बातों से जंग में जीत जाए।
#रूपकीबातें
#roopanjalisinghparmar #roop #roopkibaatein