जुदा तु कर रहा था मुझे तुझसे,
धीरे धीरे ही सही तू दूर हो रहा था मुझसे।
जब भी फासले मिटाने आती थी करीब तेरे,
दूर जानेके बहाने तू बनाया करता था।
मौजूदगी ना मंज़ूर थी तुझे मेरी,
एहसास कराए जा रहा था तू।
जानती हूं तेरे लिए मोहब्बत मेरी फिजूल थी,
पर पूछ मेरे खुदा से मेरे लिए यह कितनी खेदहीन थी।
फिजूल - waste
खेदहीन - Unregretful