कर्म का फल
किसी की जिंदगी से खेल कर कब तक बच पाएगा
आज नहीं तो कल यह मंजर तेरे पास भी आएगा।
जब होगा वहां हिसाब तेरे कुकर्मों का ।
तब माफी के लिए हाथ किसके सामने फैल आएगा ।
उस वक्त तुझे कौन अपना बचाने आएगा ।
जब तू मौत के साए में अकेले सोने जाएगा।
तब तू रोएगा गिड़गिड़ायेगा याद करके बीती बातें ।
तब तू किससे जीवनदान की गुहार लगाएगा।
जय हिन्द 🇮🇳🇮🇳
vp army ⚔️🇮🇳