शायद मिल जाए कहीं #मंदिर या मस्जिद में
इसी आश से ढूंढू हर जगह तुझे में
शाबित करना पड़ता है हर एक को यहां पे
अपने होने की सख्शियत इस जहां में
आधार कार्ड या पासपोर्ट जरूरी है यहां पे
अपनी सख्शियत साबित करने इस जहां में
फिर हो चाहे खुद सीता मैया यहां पे
सच्चाई की शाबिती तो देनी पड़ती है उन्हें भी यहाँ पे
तू भी कैसे रहेगा बाकात इस जग में
कर अपनी सख्शियत साबित इस जहां में
दे पुरावा होने का हर इंसान में
वरना यहाँ कौन करता है भरोसा भगवान में
तुजसे मिलने को हर मंदिर में ये जाते हैं
पर तुझे कहाँ कोई ढूंढता है इंसान में
बिकता तू हे यहाँ हर रास्ते पे
कमाई का मोहरा बना है तू इस जहाँ में