जिंदगी के जद्दो जहेद में ऐसा मुकाम आया
एक अनजान सा दोराहा मेरे सामने आया
कशमकश में थे कि इधर जाएँ कि उधर जाएँ
दिल और दिमाग के संघर्ष में किसे अपनाएँ
दिल ने कहा था प्यार में दिल की बात मान ले
दिमाग ने कहा था बड़े धोखे हैं इस राह में
मैंने न दिल की मानी न दिमाग की मानी
नतीजन हमें प्यार की देनी पड़ी थी कुर्बानी