बडी फुरसत् से पुछा उनको तब काहाँ थी अब काहाँ हुं ? प्यार की नरमी आबाज से जबाब मिला तब दिल में अब जान में हो, तेरे लिये हर एक पल सीफ् तमन्ना हो । तब जीने से डरता था पर अब मरने से घबराता हुं कहीं तुम्हे कोई और ना लेजाये । सरमिली मुसकुराते बोली हुं तो में तुम्हारी और किसीका कैसे बनजाउँ, ये प्यार है कोई खिलोना नहीं हर किसीको देती रहुं ।