ये जीवन तो है क्षण भंगुर , विश्वसनीय तो ईश्वर है
अहम करना हमें फिर क्यों , हमें किस बात का डर है
करें उपयोग जीवन का , जिएं भरपूर जीवन को
न भटकें सत्य के पथ से , भटकने दें न इस मन को
ये टूटे सांस कब तन से , ये तन किराए का ही घर है
ये जीवन तो है क्षण भंगुर , विश्वसनीय तो ईश्वर है
ये माया - मोह त्यागे हम , करें विश्वास जो सत है
बनें ढोंगी हैं फिरते हम , स्वीकारें जो हकीक़त है
करें नहीं स्वांग दुनिया से , जीवन की डोर ऊपर है
ये जीवन तो है क्षण भंगुर , विश्वसनीय तो ईश्वर है
जीना है सहज जितना , ये उतना ही कठिन भी है
है अपने पर चलें किस राह , सही भी है गलत भी है
न जाएं भूल क्षण भर हम , बराबर सब पर नज़र है
ये जीवन तो है क्षण भंगुर , विश्वसनीय तो ईश्वर है
अहम करना हमें फिर क्यों , हमें किस बात का डर है
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#विश्वसनीय