अपने जुड़े में जब तुम लगाती हो फूल
महक उठता है बदन ये हमारा।
मेरी जान जो चांद कहूं तो कम होगा,
उस से भी हसीन है ये चेहरा तुम्हारा।
बड़ा आराम मिलता है बाहों में तुम्हारी
तुम्हारे डाल पर झूलता है तन हमारा।
कितनी हसीन राते दिन, पल, लम्हे सारे,
जिनमे होता है साथ तुम्हारा।
#आराम