नव चेतना नव संचार का वाहक हूं।
दूर करता तिमिर आलोक संवाहक हूं।
चिरपरिचित अस्मिताओं का रक्षक हूं।
हा में शिक्षक हूं।
में ज्ञान की ज्योति जलाता उर का अंधकार मिटता।
नव पथ का निर्माण कर भटको को राह दिखाता।
में शारदे पुत्र संस्कृति का संरक्षक हूं।
हा में शिक्षक हूं।
- "लिहाज"